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गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के दौरान खाने के लिठखादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥
संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी को रोकने और उसके इलाज में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। कà¥à¤² मिलाकर, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के आहार तालिका निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से समृदà¥à¤§ होना चाहिà¤:
पानी: किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ के रोगियों के इलाज में हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रहना à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कदम है। यह गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन में सबसे अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। पानी मूतà¥à¤° को पतला करने में मदद करता है, जिससे मूतà¥à¤° में खनिजों के कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤²à¥€à¤•रण को रोका जा सकता है। किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ के मरीजों के लिठआहार में रोजाना कम से कम छह से आठगिलास पानी पीने की सलाह दी जाती है।
साइटà¥à¤°: सखटà¥à¤Ÿà¥‡ फल साइटà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ से समृदà¥à¤§ होते हैं, जो पतà¥à¤¥à¤°à¥‹à¤‚ के गठन को रोकते हैं। संतरे, नींबू और अंगूर जैसे फलों का सेवन करके खटà¥à¤Ÿà¥‡ सेवन को बढ़ाना गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के रोगियों के आहार चारà¥à¤Ÿ का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ सलाह है।
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®: कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® शरीर में ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤²à¥‡à¤Ÿ के सà¥à¤¤à¤° को बनाठरखने में सहायता करता है। यह ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤²à¥‡à¤Ÿ से बंधकर पतà¥à¤¥à¤° के गठन में रोक लगाता है। यदि शरीर में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का सà¥à¤¤à¤° कम हैं, तो ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤²à¥‡à¤Ÿ का सà¥à¤¤à¤° बढ़ सकता है, जिससे फिर पतà¥à¤¥à¤° का गठन हो सकता है। इसलिà¤, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का सेवन बढ़ाना आवशà¥à¤¯à¤• है।यह अवशà¥à¤¯ ही सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें की आपकी सारी कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से मिले, न कि पूरक आहार से (सपà¥à¤ªà¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸), कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पूरक कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के गठन से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हà¥à¤† है। कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के समृदà¥à¤§ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ दूध, पनीर, दही, मछली आदि हैं। कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के शाकाहारी सà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ में फलियां और हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जैसे बà¥à¤°à¥‹à¤•ोली, काà¤à¤² आदि शामिल हैं। फोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ अनाज और फलों के रस में à¤à¥€ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® उपलबà¥à¤§ है।
विटामिन डी: कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के साथ विटामिन डी का सेवन बढ़ाà¤à¤‚, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि विटामिन डी कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® अवशोषण में मदद करता है। विटामिन डी के अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ पशॠयकृत, वसायà¥à¤•à¥à¤¤ मछली और पनीर हैं।
कà¥à¤› डॉकà¥à¤Ÿà¤° गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के आहार तालिका के à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¥‡ के रूप में डीà¤à¤à¤¸à¤à¤š (डैश) आहार की à¤à¥€ सलाह दे सकते हैं। डीà¤à¤à¤¸à¤à¤š आहार आमतौर पर उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª, हृदय रोग और सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• के जोखिम को कम करने के लिठअनà¥à¤¶à¤‚सित किया जाता है। गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के कà¥à¤› मामलों में à¤à¥€ इसकी सलाह दी जाती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह मूतà¥à¤° में पतà¥à¤¥à¤° बनाने वाले खनिज पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को कम करता है।
गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के रोगियों के लिठडीà¤à¤à¤¸à¤à¤š आहार में शामिल हैं:
हर दिन कम से कम छह से आठगिलास पानी पियें।
साइटà¥à¤°à¤¸ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जैसे संतरा, नींबू आदि खाà¤à¤‚।
कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® से à¤à¤°à¤ªà¥‚र à¤à¥‹à¤œà¤¨ दिन में कम से कम तीन बार खाà¤à¤‚।
नमक का सेवन सीमित करें।
पशॠपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का सेवन सीमित करें।
शरà¥à¤•रा और कारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ पेय से बचें।
गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के दौरान खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से बचें
गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी में कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के सेवन से लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बिगड़ने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है। इसलिà¤, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के रोगियों के लिठआहार चारà¥à¤Ÿ से कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को हटाना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हो जाता है। ये पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚ध इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
नमकीन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚: आहार में नमक का कम पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें। घर के बने खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में और बाहर खाने पर ऊपर से नमक डालना सीमित करें। खरीदने से पहले खादà¥à¤¯ पैकेजिंग पर पोषण संबंधी लेबल की जांच करें कि कितनी सोडियम उसमें मौजूद है।
पशॠपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨: पशॠपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ में पà¥à¤¯à¥‚रीन होते हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पचाते समय, उप-उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ के रूप में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ पैदा होता है। यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के घटकों में से à¤à¤• है, इसके बढ़ने पर गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के गठन में तेजी हो सकता है। इसलिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° पशॠपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का सेवन सीमित करने की सलाह दे सकते हैं। लाल मांस, मछली, अंडे, चिकन और सूअर का मांस खाने से बचें। इसके बजाय, अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ सà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ जैसे बीनà¥à¤¸, सूखे मटर, दाल आदि का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें।
ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤²à¥‡à¤Ÿ यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥: ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤²à¥‡à¤Ÿ गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के घटकों में से à¤à¤• है। इसीलिठगà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी के रोगियों के लिठआहार चारà¥à¤Ÿ से इसे निकाल फेंकना सरà¥à¤µà¥‹à¤ªà¤°à¤¿ महतà¥à¤µ का हो जाता है।ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में पाठजाते हैं:
चॉकलेट
बादाम
मूंगफली
चाय
पालक
शकरकंद
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ पेय: कारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ पेय में फॉसà¥à¤«à¥‡à¤Ÿ और चीनी अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• मातà¥à¤°à¤¾ में होते हैं। फॉसà¥à¤«à¥‡à¤Ÿ और चीनी दोनों ही पतà¥à¤¥à¤° के गठन को बढ़ावा देते हैं। सà¥à¤•à¥à¤°à¥‹à¤œ और फà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤œ जैसे अतिरिकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा से à¤à¥€ बचना चाहिà¤à¥¤ ये अतिरिकà¥à¤¤ शरà¥à¤•रा न केवल कारà¥à¤¬à¥‹à¤¨à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ पेय में मौजूद हैं, बलà¥à¤•ि शहद, मकई सिरप आदि में à¤à¥€ मौजूद हैं। इसलिठआपको किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ के मरीजों के लिठडाइट फॉलो करते हà¥à¤ इन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से à¤à¥€ बचना चाहिà¤à¥¤
डीहाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤‚ग खादà¥à¤¯ या पेय पदारà¥à¤¥: शराब से बचें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह शरीर में पानी की मातà¥à¤°à¤¾ को कम कर सकता है, यह कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤²à¥€à¤•रण और खनिजों के जमाव को बढ़ावा दे सकता है। बहà¥à¤¤ अधिक कैफीन से बचें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प à¤à¥€ डीहाइडà¥à¤°à¥ˆà¤¶à¤¨ हो सकता है।
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